Jain Acharya • Spiritual Visionary • Dharma Guide
परम पूज्य वागड़ केसरी वात्सल्य प्रभाकर प्रज्ञा श्रमण आचार्य श्री 108चन्द्रगुप्त जी गुरुदेव

Gurudev Current Location - Salumber, Rajasthan 313027
Track the present spiritual journey, vihar location, and divine updates of ChandraGupt Ji Gurudev

Events & Chaturmas
Upcoming spiritual programs and the sacred Chaturmas schedule of ChandraGupt Ji Gurudev
Pran Pratishtha Mahotsav
5 – 6 JulyBassi, Rajasthan
A sacred consecration ceremony invoking divine presence — a momentous occasion of devotion and ritual sanctity.
Chaturmas Pravesh
19 JulySaroda, Rajasthan
The ceremonial entry marking the beginning of the four-month monsoon period of intensified spiritual discipline.
Chaturmas in Saroda
July – NovemberSaroda, Teh. Sagwara, Dist. Dungarpur, Rajasthan
Gurudev resides in Saroda for the holy Chaturmas — daily Pravachans, Sadhana, and Dharma Sabhas for all devotees.

🔴LIVE DAY 42 झल्लारा में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन 🙏
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी में आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन 🙏
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी़ में Sant Bhavan शिलान्यास और मंदिर जीर्णोद्धार आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 41 गामडी़ में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी में आचार्यश्री चंद्रगुप्त गुरुदेव द्वारा आदिनाथ विधान ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 40 गामडी में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE निठुआ में आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी में आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 39 गामडी़ में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी़ मे आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 38 गामडी में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 37 गामडी़ मे (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 41 गामडी़ में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी में आचार्यश्री चंद्रगुप्त गुरुदेव द्वारा आदिनाथ विधान ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 40 गामडी में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE निठुआ में आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE गामडी में आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan

🔴LIVE DAY 39 गामडी़ में (भक्तामर ध्यान शिविर) आचार्यश्री चंद्रगुप्तजी गुरुदेव मंगल प्रवचन ✨
Watch Pravachan
नगर चितरी के सपूत
वागड़ गौरव मुनि श्री चन्द्रगुप्त जी गुरुदेव
आचार्य श्री आदिसागर जी अंकलिकर परम्परा में नन्दी वंशावली के प्रज्ञायोगी आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जी गुरुदेव के प्रियाग्र सुशिष्य मुनि श्री चन्द्रगुप्त जी गुरुदेव का शुभ परिचय — राजस्थान के जनजाति बहुल डूंगरपुर जिले की धर्म नगरी चितरी, जहाँ गाँव के मध्य में सदियों से श्री चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन मंदिर व श्री लक्ष्मीनारायण हिन्दू मन्दिर भाई-भाई की तरह सद्धर्म का जयघोष करते हैं।
सर्व धर्म समभाव से प्रेरित यह नगरी जो मुनि श्री सम्भवसागर जी, तपस्वी सम्राट आचार्य श्री सन्मति सागर जी, गणाधिपति गणधराचार्य श्री कुंथुसागर जी ऋषिवर व उनके लघुनन्दनों से सदैव संस्कारित रही है। इसी नगर में श्रीमान शाह राजेन्द्र जी जैन व शकुंतला देवी एक धर्मपरायण गुरुभक्त दम्पत्ति के यहाँ 12 जून 1983 को सबसे छोटे पुत्र के रूप में होनहार तेजस्वी बालक कपिल का जन्म हुआ।
बालक कपिल ने स्थानीय विद्यालय विद्यानिकेतन में प्रारंभिक शिक्षा, सागवाड़ा के महिपाल विद्यालय में सीनियर सेकंडरी शिक्षा पूर्ण की। सन् 1999 में गाँव चितरी में आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जी गुरुदेव संघ का वर्षायोग हुआ जिसमें चार बाल भव्यात्माओं (अलका, सन्ध्या, रागिनी व कपिल भैया) में धर्म की गहरी नींव का निर्माण हुआ।
कुछ ही समय पश्चात निकटतम नगर रामसोर के पास नदी में नाव डूबने का भयंकर हादसा हुआ जिसमें रामसोर के अनेक युवाओं का निधन हो गया — जिनमें दो तो कपिल भैया के अध्यापक ही थे। इस घटना ने किशोरवय कपिल भैया के अंतर्मन में संसार की असारता का गहन चिंतन शुरू कर दिया और वैराग्य दृढ़ हो गया।
सन् 2003 में उपाध्याय श्री मनोज्ञसागर जी गुरुदेव का आगमन हुआ, जिनकी निश्रा में आप चारों भव्यात्माओं ने आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत लिया। ब्रह्म कपिल भैया परिवार की आज्ञा से आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जी गुरुदेव के संघ में अध्ययन हेतु चले गए।
निरन्तर अभ्यास के पश्चात महाराष्ट्र की फलटण नगरी में आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जी गुरुदेव ने 6 अक्टूबर 2003 को क्षुल्लक दीक्षा प्रदान की — नाम पूज्य हुआ क्षुल्लक श्री सुलभगुप्त जी।
फिर गुरु चरणों में निरन्तर विकास के पश्चात उत्तरप्रदेश की बाराबंकी शहर में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में पूज्य आचार्य श्री गुप्तिनन्दी जी गुरुदेव ने 13 फरवरी 2009 को मुनि दीक्षा प्रदान की — जग विख्यात नाम हुआ मुनि श्री चन्द्रगुप्त जी गुरुदेव।
आपने विलक्षण रचनात्मक सोच व ज्ञान से अनेक विधान, स्तोत्र, चालीसा, आचार्यों की भक्ति सरिताओं की रचना की है व उनको अपने मधुर कण्ठ से गाया भी है — जिसकी स्वरलहरी घर-घर में गूँजती है। ध्यान व ज्ञान परमतप को केंद्र में रखते हुए आप अपनी गुरु परम्परा का सतत गौरव बढ़ा रहे हैं।
निश्चित ही आप 21वीं सदी में जैन दर्शन का व्यापक शंखनाद कर रहे हैं।
शब्दसुमन — शाह मधोक जैन चितरी
नमनकर्ता — श्री मनोज्ञ युवा मंडल चितरी